क्रिप्टो करंसी टैक्स को लेकर सरकार ने संसद में दी बड़ी जानकारी

  • सरकार ने मंगलवार(13 दिसंबर ) को संसद में क्रिप्टो एसेट से जुडी कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। 

  • क्रिप्टो करंसी सहित वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) में लेनदेन के लिए संस्थाओं से टैक्स के रूप में 60.46 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। 

  • वर्तमान में, क्रिप्टो संपत्ति भारत में अनियमित हैं और सरकार विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों को पंजीकृत नहीं कर रही है।


14-Dec-2022 By: Mukta Agarwal
क्रिप्टो करंसी टैक्स

सरकार ने मंगलवार(13 दिसंबर ) को संसद में क्रिप्टो एसेट से जुडी कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

 जिसमे बताया कि जुलाई में TDS प्रावधान लागू होने के बाद से क्रिप्टो करंसी सहित वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) में लेनदेन के लिए संस्थाओं से टैक्स के रूप में 60.46 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। सरकार ने 1 अप्रैल से Bitcoin, Ethereum, Tether और Dogecoin जैसी क्रिप्टो संपत्तियों के लेन-देन पर 30 प्रतिशत आयकर और सरचार्ज और सेस लगाया है। 

साथ ही, मनी ट्रेल पर नजर रखने के लिए, I-T अधिनियम की धारा 194S के तहत 1 जुलाई से आभासी डिजिटल करंसी के प्रति 10,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 1 प्रतिशत कर कटौती (TDS) लाया गया है।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि CBDT करदाताओं के लिए आउटरीच/जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है और उचित कार्रवाई करता है।

चौधरी ने कहा, "वित्त अधिनियम 2022 द्वारा आयकर अधिनियम 1961 में धारा 194S जोड़े जाने के बाद से TDS कोड 194S के साथ कुल 318 प्रत्यक्ष टैक्स चालान में कुल 60.46 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।"

मंत्री ने आगे कहा कि वर्तमान में, क्रिप्टो संपत्ति भारत में अनियमित हैं और सरकार विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों को पंजीकृत नहीं कर रही है।

इसके अलावा एक रिपोर्ट के अनुसार इन टैक्स नियमो के बावजूद भारतीयों ने इन डिजिटल एसेट में अरबों का निवेश किया है। सिर्फ मेट्रो सिटीज़ ही नहीं, टियर-I और टियर-II शहरों ने क्रिप्टो एसेट की मांग में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लगभग 60 प्रतिशत क्रिप्टो निवेश टियर-2 शहरों जैसे पटना, भुवनेश्वर, रांची, जयपुर और मोहाली से हैं।

हालांकि, विशेषज्ञ बताते हैं कि क्रिप्टो टैक्सेशन के लागू होने के आठ महीने बाद भी, बहुत से लोग नियमों से अवगत नहीं हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि टैक्स तभी लागु होते हैं जब क्रिप्टो करंसी को बैंक खाते में परिवर्तित या वापस ले लिया जाता है।

हालांकि क्रिप्टो टैक्सेशन के कई पहलुओं पर सरकार की और से स्पष्टता की कमी को देखते हुए, विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक इस वर्ष अपना टैक्स जमा करने में CA या टैक्स पोर्टल की मदद ले तो बेहतर होगा।

 

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व्हाट यूअर ओपिनियन
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