क्रिप्टो क्या है ?

क्रिप्टोकरेंसी का मतलब है एक डिजिटल करेंसी जिसमें लेन देन वेरिफाइड होता है और एक सेंट्रलाइज़्ड अथॉरिटी के बजाय क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करके एक डिसेंट्रलाइज़्ड सिस्टम द्वारा रिकॉर्ड संभाल कर स्टोर कर लिए जाते हैं।

दूसरे शब्दों में क्रिप्टो करेंसी डेटा स्ट्रिंग्स की एक एन्क्रिप्टेड श्रृंखला है जहां प्रत्येक ऐसा डिनोमिनेशन एक यूनिट को दिखाता है, जिसे करेंसी कहा जाता है। यह पीयर टू पीयर नेटवर्क है जहां सरकार या अन्य किसी रेग्युलेटरी संस्था का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है जो क्रिप्टोको एक मुक्त करेंसी बनाता है, किसी भी नियम से मुक्त।


शब्द की उत्पत्ति

हालांकि शब्द की उत्पत्ति निश्चित नहीं है, लेकिन आम बोलचाल में यह शब्द विभिन्न शब्दों से अपना अर्थ प्राप्त करता है। ऐसे ही कुछ शब्दों को यहाँ स्पष्ट रूप से समझाया जा रहा है।

एक है क्रिप्टोस, एक ग्रीक शब्द जिसका अर्थ है "छिपा हुआ या गुप्त"। यह 2008 में हुई क्रिप्टो करेंसी की उत्पत्ति के साथ सही बैठता है जब बिटकॉइन का आविष्कार किया गया था। आज तक यह रहस्य बना हुआ है कि बिटकॉइन का असली मालिक और जनक कौन है।

साथ ही क्रिप्टोग्राफी शब्द का क्रिप्टो करेंसी शब्द के नामकरण में महत्वपूर्ण योगदान है। क्रिप्टोग्राफी का अर्थ है "कोड लिखने या हल करने की कला"। करेंसी के नामकरण के पीछे शायद यही मूल शब्द है। कुल मिलाकर इसका मतलब होगा "करेंसी जो एक कोड में लिखी गई है"।


क्रिप्टो करेंसी का सिद्धांत

आमतौर पर, अर्थव्यवस्था में प्रचलित किसी भी करेंसी को संबंधित सरकार या सरकार द्वारा नियुक्त किसी अथॉरिटी द्वारा लॉन्च और नियंत्रित किया जाता है। इसलिए सरकार नीतियों और गाइडलाइंस के एक निर्धारित स्ट्रक्चर के अनुसार करेंसी के फ्लो और उसके वेल्युएशन को सुनिश्चित करती है। यहां तक कि अन्य अंतरराष्ट्रीय करेंसी की तुलना में करेंसी का मूल्यांकन भी सरकार द्वारा विभिन्न आर्थिक और मोनेटरी नीतियों के इम्प्लीमेंटेशन द्वारा एडजस्ट किया जाता है।

हालाँकि, क्रिप्टो करेंसी एक कोड से उत्पन्न हुई थी। क्रिप्टो कर्रेंसी के सिद्धांत की शुरुआत कई साल पहले 2008 में हुई थी जब किसी के द्वारा एक कोड लिखा गया था। इस कोड ने, एक कोड के माध्यम से, एक नई करेंसी (जिसे किसी सरकार या अथॉरिटी द्वारा नियंत्रित नहीं किया गया था) रखने के एक सुरक्षित मीडियम को अनुमति दी। साथ ही, कोड के स्ट्रक्चर ने किसी भी प्रकार की चोरी या डाके से पूर्ण सेक्युरिटी तंत्र को अनुमति दी।

इसने करेंसी को निवेशकों के बीच एक इंस्टेंट हिट बना दिया क्योंकि यह करेंसी किसी भी नियम या टेक्स व्यवस्था से मुक्त थी।

साथ ही, यह करेंसी किसी भी देश के इकोनॉमिक विकास या मंदी से स्वतंत्र थी, जिसने इसे किसी भी राजनीतिक चाल या एजेंडे से अलग बना दिया। इस कारण से क्रिप्टो करेंसी का उपयोग करने को अधिक महत्व प्राप्त हुआ।

हालाँकि, क्रिप्टो करेंसी को एक कमोडिटी या एक्सचेंज का मीडियम कहा जा सकता है जिसका उपयोग चीजों को खरीदने या भुगतान करने के लिए करेंसी के रूप में किया जा सकता है।

आगे चलकर, क्रिप्टो करेंसी को कई संगठनों और कंपनियों द्वारा पेमेंट के तरीके के रूप में स्वीकार किया गया। इसने क्रिप्टो करेंसी के मूल्य को और भी अधिक बढ़ा दिया।


क्रिप्टो करेंसी का आधार (ब्लॉकचैन)

किसी भी व्यक्ति या ऑर्गेनिज़शन के पास मौजूद करेंसी की गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है। इससे करेंसी सुरक्षित हो जाती है। हालांकि, चलन में चल करेंसी (करेंसी नोटों के रूप में) किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं है और, जब तक कि अन्यथा सिद्ध न हो, करेंसी के धारक को ऐसी चल करेंसी का स्वामी माना जाता है।

इसके विपरीत, क्रिप्टो करेंसी एक मुक्त करेंसी है। इस करेंसी की सुरक्षा की गारंटी ब्लॉकचेन नामक एक तकनीक द्वारा दी जाती है।

ब्लॉकचेन कंप्यूटरों का एक नेटवर्क है जिसमें ट्रांसेक्शन का इतिहास एक समान होता है जिसे क्रिप्टोकरंसी के लिए ट्रांसेक्शन किए जाने पर हर बार अपडेट किया जाता है।

ब्लॉकचेन सिद्धांत में, वह कोड जिसके माध्यम से करेंसी जनरेट होती है, कई उपकरणों पर इंस्टॉल होता है और इसमें एक भी सर्वर नहीं होता है। यह करेंसी को बहुत सुरक्षित बनाता है क्योंकि ऐसी करेंसी के किसी भी ट्रांसेक्शन या एक्सचेंज को ऐसे सभी सर्वरों और कंप्यूटरों के माध्यम से अपडेट और वेलिडेट किये जाने की आवश्यकता होती है। इसलिए, यदि कोई एक सिक्का भी चुराना चाहता है, तो उस व्यक्ति को ट्रांसेक्शन को प्रमाणित करने के लिए ऐसे सभी कंप्यूटरों को हैक करना होगा अन्यथा इसे बेकार माना जाएगा। यह प्रणाली क्रिप्टो करेंसी को बहुत सुरक्षित बनाती है।

संक्षिप्त में, करेंसी के डिजिटल लेज़र को मेंटेन किया जाता है और सभी कंप्यूटरों में डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है, जिससे इसे चोरी करना असंभव हो जाता है।

चूंकि इस तरह की जानकारी को एक ही समय में कंप्यूटर पर एक्सेस नहीं किया जा सकता है (जिसे नोड्स कहा जाता है), लेजर बदलना और इसलिए क्रिप्टो करेंसी की हैकिंग असंभव है।

हालांकि, क्रिप्टो करेंसी की चोरी के मामले सामने आए हैं। लेकिन ऐसी चोरी वॉलेट से की जाती है न कि सीधे ब्लॉक चेन फ्रेमवर्क के जरिए।


रेग्युलेटरी ढांचा

कनाडा और जापान जैसे कुछ देशों ने क्रिप्टो करेंसी पर सक्रिय रुख अपनाया है और इसे कानूनी संपत्ति के रूप में और एक्सचेंज के एक एक्सेप्टेबल साधन के रूप में भी स्वीकार किया है। हालांकि, क्रिप्टो एसेट्स और उनके एक्सचेंज के चैनलों के कामकाज पर नियंत्रण की कमी के कारण, अधिकांश सरकारें रेग्युलेटरी ढांचा बनाने में असमर्थ हैं।

अमेरिका जैसे देश भी, जिसमें क्रिप्टो करेंसी निवेशकों और ब्लॉकचैन फर्मों की संख्या सबसे अधिक है, को क्रिप्टो करेंसी मार्केट्स को नियंत्रित करने वाला एक स्पष्ट फ्रेमवर्क बनाने में मुश्किल हो रही है, उसी के टेक्सेशन पर मानदंडो को छोड़कर।

क्रिप्टो दुनिया की सीमाओं और गोपनीयता और उसी से जुड़े ट्रांसेक्शन के कारण, उस पर एक स्पष्ट रेग्युलेशन बनने में कुछ समय लगेगा।

अधिक से अधिक, सरकार क्रिप्टो ट्रांसेक्शन के लिए एक टैक्सेशन मेकेनिज़्म पर निर्णय ले सकती है जो ट्रांसेक्शन को नियंत्रण में लाएगा।

एक विस्तृत रेग्युलेटरी ढांचे में कुछ समय लग सकता है जब तक कि तकनीकी परिवर्तनों के साथ तालमेल बनाये रखने के साथ ही साथ सरकारें पब्लिक वेलफेयर की अपनी भूमिका को अलाइन करती हैं।


क्रिप्टो मुद्रा को स्वीकार करने में समस्याएं

क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग काफी सारे ट्रांसेक्शन में किया जा रहा है। विशेष रूप से, बहुत से बड़े कॉरपोरेट्स ने मान्यता प्राप्त क्रिप्टो करेंसी के रूप में भुगतान स्वीकार करना शुरू कर दिया है। इसने वित्तीय दुनिया में एक नए युग की शुरुआत की है जहां लोगों को चीजों को खरीदने के लिए पैसे का उपयोग करने की परवाह नहीं है। इसके बजाय वे आभासी/वर्चुअल करेंसी का उपयोग कर सकते हैं।

चूंकि करेंसी ट्रांसेक्शन का मीडियम सरकार के नियंत्रण में नहीं है, ऐसे ट्रांसेक्शन को लागू करने के लिए कोई रेग्युलेटरी ढांचा नहीं है।

साथ ही क्रिप्टो करेंसी को मान्यता देकर सरकार एक और पेरेलल करेंसी को बढ़ावा देगी, जो किसी अन्य सरकार के नियंत्रण में भी नहीं है।

शामिल रिस्क

साथ ही, सबसे बड़ी समस्या इस रूप में है कि कोई व्यक्ति क्रिप्टो करेंसी में कमा सकता है, क्रिप्टो करेंसी में खर्च कर सकता है और क्रिप्टो करेंसी में भुगतान करके संपत्ति बना सकता है। ये सभी ट्रांसेक्शन सरकार के रडार से बाहर हो जाएंगे और चीजों का कोई रिकॉर्ड नहीं होगा। हालाँकि, ऐसे मामले में यदि ट्रांसेक्शन की एक पार्टी दूसरी पार्टी को धोखा देती है, एक्सचेंज के माध्यम के रूप में कोई कानूनी सहायता या सुरक्षा उपलब्ध नहीं है, जो इस मामले में क्रिप्टो करेंसी है, जिसे न तो रिकॉर्ड किया गया है और न ही सरकार द्वारा इसे कानून की अदालत में बरकरार रखा गया है।

साथ ही, ऐसी करेंसी के प्रयोग से, जिनके पास संयुक्त रूप से कुछ छोटे देशों से अधिक का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन है, हम सावधानी पूर्वक पोलिटिकल पूर्वाभास के बिना किसी भी अर्थव्यवस्था को गिराने या ऊपर उठाने के लिए फ्रीलांसरों के हाथों में भारी ताकत दे रहे हैं।

फिर से, हम सभी ने इस अत्यधिक अस्थिर मार्केट पर व्यक्तियों के प्रभाव को देखा है। हालके दिनों में, एलोन मस्क के कुछ ट्वीट्स के कारण कुछ क्रिप्टो करेंसी की कीमत में काफी बदलाव आया है। यह इंगित करता है कि क्रिप्टो करेंसी के बढ़ते उपयोग के साथ, हम ठोस फंडामेंटल बातों पर आधारित अर्थव्यवस्था के बजाय भावनाओं से प्रेरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं और, अंत में, अमीर और प्रभावशाली लोगों को इस तरह की Tactics से लाभ होता है। छोटे निवेशक को बाजार में इस तरह के किसी भी उतार-चढ़ाव का हमेशा खामियाजा भुगतना होगा।

इसमें शामिल एक अन्य जोखिम व्यक्तिगत क्रिप्टो एसेट्स और मार्केट डायनेमिक्स के बारे में अधूरी जानकारी उपलब्ध होना है। यह वह हिस्सा है जिसे www.coingabbar.com क्रिप्टो एसेट्स के बारे में निष्पक्ष और ट्रांसपेरेंट  जानकारी, रिसर्च और एनालिसिस प्रदान करके हल करने के लिए तैयार है।


निवेश करना चाहिए या नहीं?

यह एक डाइनामिक जगत है और हम लगातार अलग थलग छूटे रहने के डर में जी रहे हैं। यह प्रवृत्तिह में उन चीजों को करने के लिए प्रेरित करती है जो हमारे लिए अच्छी हो भी सकती हैं और नहीं भी।

इस मामले में यह सिफारिश की जा रही है की आप अपनी रिस्क लेने की क्षमता को जांचें, इन्वेस्ट करने के लिए केवल एक निश्चित राशि तय करें और फिर इस डाइनामिक जगत में सूचित निर्णय लेने के लिए ऐसे पार्टनर का चयन करें जिसके पास सही ज्ञान हो।