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web 3.0 प्लेटफॉर्म के लिए क्रिप्टो करेंसी क्यों महत्वपूर्ण है ?

महत्वपूर्ण बिंदु
  • Blockchain, Decentralization
23-Jul-2022 Rohit Tripathi
web 3.0 प्लेटफॉर्म के लिए क्रिप्टो करेंसी क्यों महत्वपूर्ण है ?


अगर आप Bitcoin इंडस्ट्री को थोड़ा भी जानते है

तो आप शायद बहुत से शब्दों से परिचित होंगे।


NFT, Metaverse और DeFi इसके कुछ उदाहरण हैं| एक और नए शब्द के लिए तैयार हो जाइए जो है : Web 3.0। क्रिप्टो करेंसी का उपयोग बिजनेस या मनी ट्रांसफर के साथ ही पूरी तरह से नया नेटवर्क बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

Web 3.0 क्या है और यह कैसे काम करता है?

Web 3.0 कम्युनिटी, DAO(Decentralized Autonomous Organization) का कांसेप्ट है। प्लेटफार्म ऑपरेशन्स में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल से बचने के लिए DAO, Web 3.0 टेक्नोलॉजीज को एक स्व-शासन(self-governance) प्रदान करता है |

Web 3.0 एन्ड यूज़र द्वारा प्रदान की गई जानकारी को दूसरे यूज़र्स तक पहुंचाने के लिए मशीन लर्निंग और AI जैसी तकनीकों के उपयोग पर अधिक जोर देता है। Virtual assistants, जो गैजेट्स में एम्बेडेड सुविधाओं के रूप में या थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन पर बहुत लोकप्रिय होते जा रहे हैं, उन्हें भी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट Web पर उपलब्ध कराया जाएगा। Web टेक्नोलॉजी की थर्ड जनरेशन को Web 3 के रूप में जाना जाता है।

क्रिप्टो करेंसी का उपयोग बिजनेस या मनी ट्रांसफर के साथ ही पूरी तरह से नया नेटवर्क बनाने के लिए भी किया जा सकता है। यह public blockchain पर बने इंटरनेट का भविष्य में आने वाला वर्जन है। Web 3.0 को पूरी तरह से लागू होने में कुछ समय लगने की उम्मीद है। 


Web 3.0 की मुख्य विशेषताएं


डिसेंट्रलाइस्ड : इंटरनेट पर नियंत्रण इसके क्रिएटर्स और यूज़र्स के पास होता है, न कि सेंट्रलाइस्ड ऑर्गनाइजेशन के पास।


परमिशनलेस : Web 3.0 परमिशनलेस है, जिसका अर्थ है कि कोई भी यह तय नहीं कर सकता है कि किसे अधिकार और सेवाएं मिलनी चाहिए।


ट्रस्टलेस : Web 3.0 को "ट्रस्ट" की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसमें दो या दो से अधिक पार्टियों से जुड़े किसी भी लेनदेन के लिए किसी थर्ड पार्टी की जरुरत नहीं है। 


क्रिप्टो करेंसी-सक्षम : बैंकों और भुगतान के पुराने तरीके पर निर्भर होने के बजाय यह फंड भेजने के लिए क्रिप्टो करेंसी का उपयोग करता है।


एज कम्प्यूटिंग : Web 3.0 एज कंप्यूटिंग के विकास के लिए आवश्यक है, जो स्मार्टफोन, लैपटॉप, सेंसर और यहां तक कि स्मार्ट ऑटोमोबाइल जैसे गैजेट्स पर ऐप्स और डेटा को नेटवर्क एज पर चलाने की अनुमति देता है।


3डी ग्राफिक्स : यह ग्राफिक्स टेक्नोलॉजी और थ्री-डायमेंशनल (3D) वर्चुअल दुनिया को फोकस में लाकर भौतिक और डिजिटल के बीच अंतर को कम करने का इरादा रखता है।


Web 3.0 के लिए क्रिप्टो करेंसी का महत्व


आप देखेंगे कि जब भी Web 3.0 की बात की जाती है, तो आमतौर पर क्रिप्टो करेंसी की चर्चा भी की जाती है, ऐसा इसलिए है क्योंकि इनमें से कई योजनाओ में क्रिप्टो करेंसी एक बड़ी भूमिका निभाती है। यह किसी भी व्यक्ति को टोकन के रूप में रिवॉर्ड प्रदान करता है जो किसी एक योजना को बनाने, चलाने, योगदान करने या बढ़ाने में सहायता करना चाहता है।


Web3 ओनरशिप पर जोर देता है

Web 2.0 में, आपका डेटा कैसे सहेजा जाता है, इस पर आपका कोई नियंत्रण नहीं है। वास्तव में, कंपनियां यूज़र के डेटा को उनकी अनुमति के बिना एकत्र और जमा करती हैं। ब्लॉग, पोस्ट, ट्वीट, कमेंट और लाइक्स आज के समय में Web यूज़र-जनरेटेड कंटेंट (UGC) के उदाहरण हैं। आज उपयोग में किये जाने वाले सोशल नेटवर्किंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इस आधार पर बनाए गए थे।


Web 3.0 में, एक सेंट्रल ओर्गनइजेशन द्वारा नियंत्रित होने के बजाय, डेटाबेस को कंप्यूटर के ग्लोबल नेटवर्क द्वारा अप-टू-डेट रखा जाता है और एन्क्रिप्ट किया जाता है। ब्लॉकचेन हर एक ट्रांसेक्शन को रिकॉर्ड करता है, और नए मालिक को प्रूफ ऑफ़ ओनरशिप के रूप में एक NFT देता है। डेटा और अन्य तकनीक एसेट यूज़र की होती है।


क्रिप्टो-इकोनॉमिक्स का उपयोग

Web 3.0 प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से क्रिप्टो-इकॉनॉमिक्स को लागू करने के लिए कार्य करता है। क्रिप्टो-इकॉनॉमिक्स मॉडल को देखकर भविष्य के नेटवर्क को और अधिक कुशल और डिसेंट्रलाइस्ड बनाया जा सकता है, जिन्हें वास्तविक दुनिया की स्थितियों में पहले ही आजमाया जा चुका है।


क्रिप्टो करेंसी की मदद से, Web 3.0 और अन्य व्यवसाय अपनी इकोनॉमी का निर्माण कर सकते हैं। क्रिप्टो-इकोनॉमी में, डिसेंट्रलाइस्ड मार्केट की जांच करने के लिए इकोनॉमिक्स और कंप्यूटर विज्ञान को साथ में उपयोग किया जाता है।


Web 3.0 में डिसेंट्रलाइजेशन 

इंटरनेट का भविष्य डिसेंट्रलाइजेशन में है जिसका अर्थ है कि सारा डेटा ब्लॉकचेन पर स्टोर होगा और सभी के लिए होगा, लेकिन क्रिप्टो करेंसी के बिना डिसेंट्रलाइजेशन बेकार है क्योंकि सेंट्रलाइस्ड करेंसी का उपयोग करने से लेनदेन का नियंत्रण किसी अथॉरिटी या सरकार के हाथ में चला जाएगा। इसलिए, डिसेंट्रलाइजेशन प्राप्त करने के लिए Web 3 को लेन-देन के माध्यम के रूप में एक डिसेंट्रलाइस्ड करेंसी (क्रिप्टो करेंसी) का उपयोग करने की आवश्यकता है।


हम लेन-देन की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए क्रिप्टो करेंसी का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि यह कई विकल्प देता है जो पारंपरिक करेंसी नहीं देती है। उदाहरण के लिए, प्रोग्रामेबल करेंसी वास्तविक समय में रेवेन्यू को साझा करके पारदर्शिता को बढ़ा सकता है।


क्रिप्टो करेंसी को फिएट मनी से बदलने के लिए बनाया किया गया है और इसका उपयोग डिजिटल निवेश करने के अवसरों और खतरों को संभालने के लिए किया जा सकता है।


निष्कर्ष

इन टेक्नोलॉजीज के तेजी से विकास के कारण डेवलपर्स Web 3 और क्रिप्टो करेंसी दोनों को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, Web 3.0 युग में, सर्च इंजन आपकी खोज के आधार पर कस्टमाइज्ड जानकारी प्रदान करेगा। Web 3.0, इंटरनेट को नए रूप में लाने के लिए क्रिप्टो करेंसी की एक कोशिश है।


 डिसेंट्रलाइस्ड नेटवर्क इंटरनेट की सभी समस्याओं को जादुई रूप से ठीक नहीं कर सकता, लेकिन यह इंटरनेट को अधिक डिसेंट्रलाइस्ड और पीयर-टू-पीयर बनाएगा। हालांकि, वे सेंट्रलीसेड सिस्टम्स की तुलना में कहीं अधिक सफल तकनीक प्रदान करते हैं। चूंकि सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म इतने लंबे समय से हावी हैं, इसलिए बहुत से लोग ऑनलाइन सेवाओं को विकसित करने के अन्य तरीकों से अनजान हैं। जैसा कि Web 3.0 का लक्ष्य डिसेंट्रलाइजेशन प्राप्त करना है, इसे क्रिप्टो करेंसी के उपयोग की आवश्यकता है।


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व्हाट यूअर ओपिनियन
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