सस्ता टोकन का दावा करें रिजर्व का प्रमाण

Worldcoin में तेजी, भारत जैसे बड़े मार्केट से ले चुका है विदा

महत्वपूर्ण बिंदु
  • OpenAI के CEO Sam Altman द्वारा को-फाउंडेड क्रिप्टो प्रोजेक्ट Worldcoin में एक हफ्ते में 140% की तेजी देखी गयी।
  • Worldcoin में यह तेजी इसके वॉलेट ऐप के यूजर्स की संख्या के 1M डेली यूजर्स तक पहुँचने के बाद देखी गई।
  • Worldcoin में यह तेजी उस समय देखी गई हैं, जब इसने भारत जैसे बड़े मार्केट से विदा ले ली हैं। हालाँकि भारत में अभी भी इसके यूजर्स है।
19-Feb-2024 By: Rohit Tripathi
Worldcoin में तेजी,

पिछले 7 दिनों में 140 प्रतिशत बढ़ चुका हैं Worldcoin टोकन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फर्म OpenAI के CEO Sam Altman द्वारा को-फाउंडेड क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट Worldcoin के $WLD टोकन में पिछले एक हफ्ते में 140% की तेजी देखी गयी। WLD टोकन में यह तेजी Worldcoin के वॉलेट ऐप के यूजर्स की संख्या के 1 मिलियन डेली यूजर्स तक पहुँचने के बाद देखी गई। Worldcoin द्वारा बीते दिन सोशल मिडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर की गई पोस्ट के अनुसार प्रोजेक्ट के क्रिप्टो वॉलेट एप्लिकेशन World App के डेली यूजर्स की संख्या 1 मिलियन से ज्यादा हो गई हैं, जो कि नवंबर 2023 तक केवल 100,000 डेली यूजर्स थी। बताते चले कि #Worldcoin, Sam Altman और Alex Blania द्वारा जुलाई 2023 में लॉन्च किया गया सेल्फ-डिस्क्राइब प्राइवेसी प्रिजर्विंग डिजिटल आइडेंटिटी वेरिफिकेशन प्रोजेक्ट है। यह यूजर्स को उनके आईरिस को स्कैन करने के बदले में WLD टोकन में पेमेंट करता हैं। 

अपनी टेक्नोलॉजी के कारण Worldcoin को भारत से लेना पड़ी विदा 

Sam Altman के क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट Worldcoin के WLD टोकन को भले ही वर्तमान में अपने वॉलेट ऐप के डेली यूजर्स में बढ़ोतरी के चलते तेजी का अनुभव हुआ हो। लेकिन अपने प्रोजेक्ट में उपयोग की गई टेक्नोलॉजी के कारण Worldcoin विवादों में भी रहा। जहाँ कुछ देशों में पर्सनल डेटा प्राइवेसी के लिए सीरियस रिस्क का हवाला देते हुए Worldcoin के ऑपरेशन्स की जांच शुरू की गई। वहीँ भारत जैसे देश में तो नौबत यहाँ तक आ गई कि Worldcoin को देश छोड़ने का ही फैसला करना पड़ा। दुनिया भर में यूनिवर्सल बेसिक इनकम शुरू करने के लक्ष्य के साथ लॉन्च हुए Worldcoin ने कुछ समय पहले ही भारत में रेगुलेटरी समस्याओं का हवाला देते हुए अपनी ओर्ब-वेरिफिकेशन सर्विस को बंद करने का फैसला किया था। हालाँकि अपनी लॉन्चिंग के समय Worldcoin अपनी तुलना भारत के #Aadhaar बायोमेट्रिक ID सिस्टम से करता रहा था। वहीँ फर्म के को-फाउंडर Sam Altman तो Aadhaar System के सामान ही एक ग्लोबल ID नेटवर्क स्थापित करने की बात कहते नजर आते थे। लेकिन भारत के आधार सिस्टम से टक्कर लेना इस क्रिप्टो स्टार्टअप को इतना महंगा पड़ा की उसे कुछ ही महीनों में भारत को छोड़ना पड़ा। 

Coin Gabbar की माने तो Worldcoin की ओर्ब-वेरिफिकेशन सर्विस को लेकर कई देश ओब्जेक्शन उठा चुके थे, जिनमें भारत के साथ ब्राजील और फ्रांस जैसे बड़े देश भी शामिल हैं। इन देशों की इस प्रोजेक्ट के चलते यूजर्स के पर्सनल डेटा प्राइवेसी को होने वाली सीरियस रिस्क को लेकर एक बड़ी चिंता थी। जिसका समाधान निकालने लिए Worldcoin की ओर से कोई प्रयास भी नहीं किये गए। ऐसे में इन देशों ने प्रोजेक्ट पर सख्त रेगुलेटरी कदम उठाए, जिसके चलते Worldcoin को इन देशों में अपनी सर्विसेज को बंद करने का फैसला करना पड़ा। 

यह भी पढ़िए : विदाई के बाद भी भारत में व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है Worldcoin

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